मेरा एक दोस्त पोलिसे में स्प है, उसका नाम भूपी है…. हम दोनों काफी करीब हैं और व्हो जब भी घर आता है मोम के मुम्मे के तरफ बड़ी प्यासी नज़र से देखता है… और मोम का रेस्पोंसे भी अच्छा होता है…. भूपी का फ्य्सिकुए बहुत अच्छा है ….. क्योंकि हम काफी करीब हैं इस लिए बहुत बार मैंने उसका लुंड भी देखा है टोइलेट करते समय …. करीब ८ से ९ इंच लम्भा होगा… और बॉडी भी अच्छी है….बात तब की है जब पापा आउट ऑफ़ स्टेशन थे… मेरा और भूपी का एक कोम्मों दोस्त है, उसके के घर टा पार्टी थी इस लिए में, मेरी मोम और, भूपी हम
तीनो भूपी की रेड लाइट वाली गाडी में दोस्त की टा पार्टी में गए.. पार्टी करीब ७बजे फिनिश हुई….. हमारा घर करीब उसके घर से १३८ कम दूर है.. और बीच का सारा एरिया घने जंगले वाला है… हम करीब उस्के४ घर से ७.१५ मं पर निकले….
मोम को पता है की कभी कभी में और भूपी ड्रिंक्स ले लेते हैं…. करीब ३५ से ४० कम ड्रिवे करने के बाद भूपी बोला जय कुछ हो जाये…. मैंने कहा अगर मोम पेर्मिस्सिओन दे दे तो ले लेंगे..
मोम : नो प्रॉब्लम, ले ले एन्जोय्मेंट के लिए… पर कम लेना
भूपी ने बोत्त्लेर निकली और गाडी रोअक के २ पेग बनाये… पहले पेग हम ने जल्दी ले लिया.. फिर उसने दूसरा पेग बनाया और गाडी चलते हम लोग पीने लगे और गप शुप भी करने लगे….
भूपी की नज़र बार बार मोम के मुम्मे की तरफ जा रही थी… में समज गया की मस्ती के मूड में है….मैंने दूसरा पेग भी जल्दी पिया और भूपी को बोला यार मुजको थोड़ी चढ़ गयी है… पर मज़ा आ रहा है…
भूपी : और ले ले यार फिर बहुत मज़ा आयेगा…… बोलो न औनती इसको लेने को
मोम : जय ले लो कोई बात नहीं कभी कभी चलता है, दोस्त का कहा मान लो
में समाज गया की मोम भी भरतपुर लुटाने के चाकर में है.
मैंने एक पेग और लिया ,, और मोम को बोला मोम आप आगे आ जाओ में पीचे की सीट पे आराम से पियूंगा और सोने भी जाऊँगा
मोम आगे की सीट पा अ गए और में पीचे बात गया थोड़ी देर में मैंने सोने का ड्रामा किया…में भूपी को बोला यार में सोने लगा हूँ और मुजको दिसतुरब मत करना…. भूपी बोला नो प्रॉब्लम.
फिर में सोने का ड्रामा करने लगा.. और उनकी बातें सुनना लगा
भूपी : औनती बड़ी सेक्सी और स्मार्ट लग रही हो
मोम : थंक्स तुम भी कम नहीं हो,,, असली मर्द लगते हो. भूपी तुम शादी क्यों नहीं करते
भूपी : औनती दौबले मिन्देद हूँ
मोम : मेंस
भूपी : सोच रहा हूँ की किस्सी शादी शुदा औरत से शादी करूण… या कुवारी लड़की से
औनती अप्प की देख के लगता है की औरत से शादी करनी छायी…
मोम : थंक्स फॉर कॉम्प्लीमेंट
भूपी ; औंती एक बात कहूं.
मोम : हैं बोलो
भूपी : आप के दूध के द्रुम बहुत बड़े हैं
मोम : हैं शादी के बाद द्रुम बन जाते हैं पहले तो कटोरे होते हैं
भूपी : हैं औनती दूध निचोड़ने वाला मालिक जो बन जाता है औनती थोडा सा दूध के द्रुम का ऊपर का पोर्तिओं तो दिखाओ
मोम : मूड में लगते हो…. और मोम ने सारी का पालू निचे गिरा दिया….
भूपी : औनती द्रुम तो दूध से भरे पड़े हैं इनका दूध तो खली करना पड़ेगा नहीं तो फट जायेंगे द्रुम
फिर व्हो एक हाथ से द्रिविंग करने लगा और दूसरे हाथ उसने मोम के ब्लौसे के अंधार दाल दिया और मोम के रस से भरे हुए आम दबाने लगा औनती आम बहार निकालो न ब्लौसे में ठीक से हाथ नहीं जर आहा….. उसका इतना कहते ही मोम ने मेरी तरफ पीचे के सीट पर देखा और फिर अपना एक राईट साइड वाला आम (मुम्म) ब्लौसे के बहार निकला. सारा का सारा राईट साइड का ब्लौसे मोम का ऍम के नीचे समां गया….
भूपी : औनती अंकल तो मज़ा लेते होने आमों का
मोम : अंकल तो रस चूसते नहीं हाँ हफ्ते में एक बार दबा देते हैं
भूपी : औनती अगर आप मेरी बीवी होती न तो में दिन रात आप का ऍम चूस चूस के निचोड़ देता….
मोम : अभी निचोड़ लो न… और व्हो मोम का मुम्म जोर जोर से दबाने लगा…. मोम मस्त हो गए थोड़ी देर बाद मोम ने दूसरा मुम्म भी ब्लौसे के बहार निकाला और ऊपर पालू दाल दिया
मोम के दोनों मुम्मे अब हेअद्लिघ्त की तरह दिखाई पद रहे थे व्हो मोम के मुम्मे दबा रहा था और मोम उसका लुंड पन्त के बहार से मसलने लगी
भूपी : औनती बहार निकालो न इस को जिप खोल के
मोम ने जिप खोली और उसका लुंड बहार निकला…
मोम : उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ कितना बड़ा सांप है.यह तो भुत ज़हेर्ला होगा
बुपी : औनती बिल भी तो बड़ा है…. फिर उसने मोम को साडी ऊपर उठाने को बोला…. मोम ने साडी थोड़ी ऊपर की… उसने हाथ अंधार डाला और वोव्वव्व्व्व औनती क्या बगीचा है…….सैर करवाओ न मुजको…
मोम : यह टूरिस्ट प्लेस तो खुली है तुम सैर करने वाले बनोऊ…
भूपी : हम्म्म्म औन्तीईइ….मेरा सांप तो अंधार जाने के लिए बेकरार है.
मोम : मेरे गार्डेन का दरवाज़ा भी खुला है पर पीचे का सिक्यूरिटी गार्ड का क्या करें …
में समाज गया की मोम अपनी तुन्नेल में गाड़ी घुसाने को तड़प रही है…. इसलिए मैंने थोड़ी देर बाद सोये हुए ही कहा… भूपी गाड़ी रूक में थोड़ी देर अच्छी तरह से लूं हिलती गाडी में उलटी आ रही है… भूपी ने थोड़ी आगे जा के मैं रोड के साइड में एक सुन सां कच्ची रोड पे लगा दी और बोला सो जाओ.. अब आधे घंटे बाद चलांगे मैंने कहा ओके…. भूपी बोला औनती चलो बहार ताज़ी हवा लेते हैं…
और फिर व्हो घुमाते घूमते थोड़ी घने त्रीस की तरफ चले गए अब मैंने भी कार खोली और दूसरे तरफ से ठीक उनसे कोई ५ मटर की दूरी पे एक बड़े पेड के पीचे खड़ा हो गया….. पेड (तरी) इतना बड़ा था की में उनको दिखाई नहीं पद रहा था पर व्हो नज़र आ रहे थे…जब मैंने देखा व्हो दोनों एक दूसरे को समुच कर रहे थे और मोम के दोनों मुम्मे ब्लौसे के बहार लटक रहे थे….. और भूपी दबा रहा था…
भूपी : औनती अब मज़ा आया तुम्हारे द्रुम निचोड़ने का.
गाड़ी में तो फ्ल्यिंग स्कुँद बता हुआ था इसलिए मज़ा नहीं आया व्हो एक मुम्म चूस रहा था और दूसरा दबा रहा था…. मोम उसका लुंड हिला रही थी
मोम : मन करता है की यह सांप मेरी गुफा में ही रह फिर मोम ने उसका लुंड अपने मुह में डाला और चूसने लगीई…और व्हो मोम की साडी के अन्दर हाथ दाल के मोम के गार्डेन को सहला रहा था… फिर मोम दोनों टाँगे खोल के कड़ी हो गयी और व्हो मोम के साड़ी में मुह दाल के मोम के गार्डेन को चाटने लगा….
मोम अपने हाथ से अपने आमों (मुम्मे) को दबा रही थी
मोम : आब जल्दी से मेरी गुफा में अपना सांप डालो न… सिक्यूरिटी वाला (मेरे लिए) जग न जाये
भूपी : औनती अपने एनगिने के ऊपर से साड़ी का बोप्न्नेल तो उठाओ…
मोम ने बिना देरी किये अपनी साड़ी ऊपर उठाई और अपनी काची उतार दी…. और फिर अपने दोनों हाथ पेड (तरी )के साथ लगा के झुक गयी और एक टांग पास पड़े पत्थर प् रख दी.
मोम के दोनों आम लटक रहे थे… और फिर भूपी ने मोम के पीचे से अपना सांप अंधार दाल दिया….. भूपी : म्मम्म.उफ्फ्फ्फफ्फ़….. मेरी जान …. एससी छूट. उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़् रीईई
मोम : ढाका जोर से लगाओ न …. गुफ्फा गहरी (दीप) है सांप का हेड लास्ट तक लग्न छायी फिर भूपी तेज़ और जोर से मोम को जतका मारने लगा तप ताप ताप तक.. पाच.. पुच की आवाजें आ रही थीई फिर भूपी ने अपना सांप मोम की गुफा से बहार निकला और मोम को थोडा और जुकने को बोला मोम थोड़ी और झुकी .. अब मोम की सफ़ेद हाथ्नी (फेमाले एलेफंत) जैस्सी गांड साफ़ नज़र आ रही थी.. भूपी ने दोनों तरफ से मोम की गंद को साइड किया और मोम की गांड के होले पेट हूक डाली और फिर उसने मोम की दिच्क्य में अपना सारा सामन दाल दिया… मोम ह्म्म्मफ्फ्फुफ्फ्फ़
मोम : मेरा तो पानी निकालने वाला है… जल्दी पीचे से निकालो और आगे एनगिने में डालो… फिर उसने अपना लुंड मोम की गांड से बहार निकला….. और मोम को बोला औनती में पत्थर पर बात जाता हूँ आप ऊपर से जतका मारो मोम ने ऐसा ही किया व्हो पत्थर पर बात गया और मोम ने उसका लुंड अपने हाथ से पकड़ के अपनी छूट के तरफ सीधा कर के उस पे बात गयी और जोर जोर से जतका मारने लगीई मोम के मुम्मे उपार नीचे हो रहे थे और उसके मुह पे लग रहे थे अचानक मोम की उठक बठक तेज़ हो गयी और फिर मोम ने उस को कास के पकड़ लिया फिर मोम उसके लुंड से उठी और उसका लुंड पकड़ के मुठ मारने लागी
व्हो बोला औनती प्ल्ज़ मेरा होने वाला है आप कुतिया बनो न में आप की गांड के ऊपर अपना रस डालूँगा… मोम कुतिया बन गयी और फिर उसने थूक लगा के मोम की ग्तांड में दाल और ५ से १० स्टरोके मारने के बाद अपना लुंड बहार निकल के उसने सारा पानी मोम की भरी बर्कम गांड पे डाला
मोम की साडी गंद उसके पानी से भर गए…
मोम : यह क्या सारा सुमंदर का पानी इस्सी पीपे में था क्या
फिर मोम ने रुमाल निकला और अपना हाथ पीचे करके गांड को साफ़ किया…… इतना देखने के बाद में जल्दी से गाड़ी में आ के लेट गया…. और थोड़ी देर बाद व्हो जब ए तो काफी खुश लग रहे थे….
भूपी : औनती कभी कभी एससी सैर करवा दिया करो न गार्डेन के….
मोम : तेरा टूरिस्ट तो बहुत इंट्रेस्टिंग है आ जाया करू
बस फिर में उठा गया और हम बातें करते करते घर आ गए…
तीनो भूपी की रेड लाइट वाली गाडी में दोस्त की टा पार्टी में गए.. पार्टी करीब ७बजे फिनिश हुई….. हमारा घर करीब उसके घर से १३८ कम दूर है.. और बीच का सारा एरिया घने जंगले वाला है… हम करीब उस्के४ घर से ७.१५ मं पर निकले….
मोम को पता है की कभी कभी में और भूपी ड्रिंक्स ले लेते हैं…. करीब ३५ से ४० कम ड्रिवे करने के बाद भूपी बोला जय कुछ हो जाये…. मैंने कहा अगर मोम पेर्मिस्सिओन दे दे तो ले लेंगे..
मोम : नो प्रॉब्लम, ले ले एन्जोय्मेंट के लिए… पर कम लेना
भूपी ने बोत्त्लेर निकली और गाडी रोअक के २ पेग बनाये… पहले पेग हम ने जल्दी ले लिया.. फिर उसने दूसरा पेग बनाया और गाडी चलते हम लोग पीने लगे और गप शुप भी करने लगे….
भूपी की नज़र बार बार मोम के मुम्मे की तरफ जा रही थी… में समज गया की मस्ती के मूड में है….मैंने दूसरा पेग भी जल्दी पिया और भूपी को बोला यार मुजको थोड़ी चढ़ गयी है… पर मज़ा आ रहा है…
भूपी : और ले ले यार फिर बहुत मज़ा आयेगा…… बोलो न औनती इसको लेने को
मोम : जय ले लो कोई बात नहीं कभी कभी चलता है, दोस्त का कहा मान लो
में समाज गया की मोम भी भरतपुर लुटाने के चाकर में है.
मैंने एक पेग और लिया ,, और मोम को बोला मोम आप आगे आ जाओ में पीचे की सीट पे आराम से पियूंगा और सोने भी जाऊँगा
मोम आगे की सीट पा अ गए और में पीचे बात गया थोड़ी देर में मैंने सोने का ड्रामा किया…में भूपी को बोला यार में सोने लगा हूँ और मुजको दिसतुरब मत करना…. भूपी बोला नो प्रॉब्लम.
फिर में सोने का ड्रामा करने लगा.. और उनकी बातें सुनना लगा
भूपी : औनती बड़ी सेक्सी और स्मार्ट लग रही हो
मोम : थंक्स तुम भी कम नहीं हो,,, असली मर्द लगते हो. भूपी तुम शादी क्यों नहीं करते
भूपी : औनती दौबले मिन्देद हूँ
मोम : मेंस
भूपी : सोच रहा हूँ की किस्सी शादी शुदा औरत से शादी करूण… या कुवारी लड़की से
औनती अप्प की देख के लगता है की औरत से शादी करनी छायी…
मोम : थंक्स फॉर कॉम्प्लीमेंट
भूपी ; औंती एक बात कहूं.
मोम : हैं बोलो
भूपी : आप के दूध के द्रुम बहुत बड़े हैं
मोम : हैं शादी के बाद द्रुम बन जाते हैं पहले तो कटोरे होते हैं
भूपी : हैं औनती दूध निचोड़ने वाला मालिक जो बन जाता है औनती थोडा सा दूध के द्रुम का ऊपर का पोर्तिओं तो दिखाओ
मोम : मूड में लगते हो…. और मोम ने सारी का पालू निचे गिरा दिया….
भूपी : औनती द्रुम तो दूध से भरे पड़े हैं इनका दूध तो खली करना पड़ेगा नहीं तो फट जायेंगे द्रुम
फिर व्हो एक हाथ से द्रिविंग करने लगा और दूसरे हाथ उसने मोम के ब्लौसे के अंधार दाल दिया और मोम के रस से भरे हुए आम दबाने लगा औनती आम बहार निकालो न ब्लौसे में ठीक से हाथ नहीं जर आहा….. उसका इतना कहते ही मोम ने मेरी तरफ पीचे के सीट पर देखा और फिर अपना एक राईट साइड वाला आम (मुम्म) ब्लौसे के बहार निकला. सारा का सारा राईट साइड का ब्लौसे मोम का ऍम के नीचे समां गया….
भूपी : औनती अंकल तो मज़ा लेते होने आमों का
मोम : अंकल तो रस चूसते नहीं हाँ हफ्ते में एक बार दबा देते हैं
भूपी : औनती अगर आप मेरी बीवी होती न तो में दिन रात आप का ऍम चूस चूस के निचोड़ देता….
मोम : अभी निचोड़ लो न… और व्हो मोम का मुम्म जोर जोर से दबाने लगा…. मोम मस्त हो गए थोड़ी देर बाद मोम ने दूसरा मुम्म भी ब्लौसे के बहार निकाला और ऊपर पालू दाल दिया
मोम के दोनों मुम्मे अब हेअद्लिघ्त की तरह दिखाई पद रहे थे व्हो मोम के मुम्मे दबा रहा था और मोम उसका लुंड पन्त के बहार से मसलने लगी
भूपी : औनती बहार निकालो न इस को जिप खोल के
मोम ने जिप खोली और उसका लुंड बहार निकला…
मोम : उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ कितना बड़ा सांप है.यह तो भुत ज़हेर्ला होगा
बुपी : औनती बिल भी तो बड़ा है…. फिर उसने मोम को साडी ऊपर उठाने को बोला…. मोम ने साडी थोड़ी ऊपर की… उसने हाथ अंधार डाला और वोव्वव्व्व्व औनती क्या बगीचा है…….सैर करवाओ न मुजको…
मोम : यह टूरिस्ट प्लेस तो खुली है तुम सैर करने वाले बनोऊ…
भूपी : हम्म्म्म औन्तीईइ….मेरा सांप तो अंधार जाने के लिए बेकरार है.
मोम : मेरे गार्डेन का दरवाज़ा भी खुला है पर पीचे का सिक्यूरिटी गार्ड का क्या करें …
में समाज गया की मोम अपनी तुन्नेल में गाड़ी घुसाने को तड़प रही है…. इसलिए मैंने थोड़ी देर बाद सोये हुए ही कहा… भूपी गाड़ी रूक में थोड़ी देर अच्छी तरह से लूं हिलती गाडी में उलटी आ रही है… भूपी ने थोड़ी आगे जा के मैं रोड के साइड में एक सुन सां कच्ची रोड पे लगा दी और बोला सो जाओ.. अब आधे घंटे बाद चलांगे मैंने कहा ओके…. भूपी बोला औनती चलो बहार ताज़ी हवा लेते हैं…
और फिर व्हो घुमाते घूमते थोड़ी घने त्रीस की तरफ चले गए अब मैंने भी कार खोली और दूसरे तरफ से ठीक उनसे कोई ५ मटर की दूरी पे एक बड़े पेड के पीचे खड़ा हो गया….. पेड (तरी) इतना बड़ा था की में उनको दिखाई नहीं पद रहा था पर व्हो नज़र आ रहे थे…जब मैंने देखा व्हो दोनों एक दूसरे को समुच कर रहे थे और मोम के दोनों मुम्मे ब्लौसे के बहार लटक रहे थे….. और भूपी दबा रहा था…
भूपी : औनती अब मज़ा आया तुम्हारे द्रुम निचोड़ने का.
गाड़ी में तो फ्ल्यिंग स्कुँद बता हुआ था इसलिए मज़ा नहीं आया व्हो एक मुम्म चूस रहा था और दूसरा दबा रहा था…. मोम उसका लुंड हिला रही थी
मोम : मन करता है की यह सांप मेरी गुफा में ही रह फिर मोम ने उसका लुंड अपने मुह में डाला और चूसने लगीई…और व्हो मोम की साडी के अन्दर हाथ दाल के मोम के गार्डेन को सहला रहा था… फिर मोम दोनों टाँगे खोल के कड़ी हो गयी और व्हो मोम के साड़ी में मुह दाल के मोम के गार्डेन को चाटने लगा….
मोम अपने हाथ से अपने आमों (मुम्मे) को दबा रही थी
मोम : आब जल्दी से मेरी गुफा में अपना सांप डालो न… सिक्यूरिटी वाला (मेरे लिए) जग न जाये
भूपी : औनती अपने एनगिने के ऊपर से साड़ी का बोप्न्नेल तो उठाओ…
मोम ने बिना देरी किये अपनी साड़ी ऊपर उठाई और अपनी काची उतार दी…. और फिर अपने दोनों हाथ पेड (तरी )के साथ लगा के झुक गयी और एक टांग पास पड़े पत्थर प् रख दी.
मोम के दोनों आम लटक रहे थे… और फिर भूपी ने मोम के पीचे से अपना सांप अंधार दाल दिया….. भूपी : म्मम्म.उफ्फ्फ्फफ्फ़….. मेरी जान …. एससी छूट. उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़्फ़् रीईई
मोम : ढाका जोर से लगाओ न …. गुफ्फा गहरी (दीप) है सांप का हेड लास्ट तक लग्न छायी फिर भूपी तेज़ और जोर से मोम को जतका मारने लगा तप ताप ताप तक.. पाच.. पुच की आवाजें आ रही थीई फिर भूपी ने अपना सांप मोम की गुफा से बहार निकला और मोम को थोडा और जुकने को बोला मोम थोड़ी और झुकी .. अब मोम की सफ़ेद हाथ्नी (फेमाले एलेफंत) जैस्सी गांड साफ़ नज़र आ रही थी.. भूपी ने दोनों तरफ से मोम की गंद को साइड किया और मोम की गांड के होले पेट हूक डाली और फिर उसने मोम की दिच्क्य में अपना सारा सामन दाल दिया… मोम ह्म्म्मफ्फ्फुफ्फ्फ़
मोम : मेरा तो पानी निकालने वाला है… जल्दी पीचे से निकालो और आगे एनगिने में डालो… फिर उसने अपना लुंड मोम की गांड से बहार निकला….. और मोम को बोला औनती में पत्थर पर बात जाता हूँ आप ऊपर से जतका मारो मोम ने ऐसा ही किया व्हो पत्थर पर बात गया और मोम ने उसका लुंड अपने हाथ से पकड़ के अपनी छूट के तरफ सीधा कर के उस पे बात गयी और जोर जोर से जतका मारने लगीई मोम के मुम्मे उपार नीचे हो रहे थे और उसके मुह पे लग रहे थे अचानक मोम की उठक बठक तेज़ हो गयी और फिर मोम ने उस को कास के पकड़ लिया फिर मोम उसके लुंड से उठी और उसका लुंड पकड़ के मुठ मारने लागी
व्हो बोला औनती प्ल्ज़ मेरा होने वाला है आप कुतिया बनो न में आप की गांड के ऊपर अपना रस डालूँगा… मोम कुतिया बन गयी और फिर उसने थूक लगा के मोम की ग्तांड में दाल और ५ से १० स्टरोके मारने के बाद अपना लुंड बहार निकल के उसने सारा पानी मोम की भरी बर्कम गांड पे डाला
मोम की साडी गंद उसके पानी से भर गए…
मोम : यह क्या सारा सुमंदर का पानी इस्सी पीपे में था क्या
फिर मोम ने रुमाल निकला और अपना हाथ पीचे करके गांड को साफ़ किया…… इतना देखने के बाद में जल्दी से गाड़ी में आ के लेट गया…. और थोड़ी देर बाद व्हो जब ए तो काफी खुश लग रहे थे….
भूपी : औनती कभी कभी एससी सैर करवा दिया करो न गार्डेन के….
मोम : तेरा टूरिस्ट तो बहुत इंट्रेस्टिंग है आ जाया करू
बस फिर में उठा गया और हम बातें करते करते घर आ गए…
